
उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद ने राज्य के छोटे शहरों में आवासीय योजनाओं को लाने की तैयारी तेज कर दी है। हाल ही में हुई परिषद की बैठक में पहले चरण के लिए गाजीपुर, मऊ और प्रतापगढ़ को चयनित किया गया है। इन शहरों में जल्द ही आवासीय योजनाएं लाने का प्रस्ताव पारित किया गया है। योजना के तहत अगले दो वर्षों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिसके बाद वहां आवासीय प्लॉट की बिक्री शुरू होगी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि इन योजनाओं के लिए मानदेय पर रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर, एक-एक कानूनगो, लेखपाल और कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति की जाएगी। आवास विकास परिषद की ये योजनाएं छोटे शहरों में लोगों के लिए घर खरीदने के अवसर प्रदान करेगी और स्थानीय विकास को गति भी देगी।
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया
आवास विकास परिषद तीन तरीके से जमीन अधिग्रहण करेगा। पहला आपसी सहमति से भूमि खरीदना, दूसरा लैंड पुलिंग और तीसरा जमीन अधिग्रहण। यह प्रक्रिया करीब दो साल में पूरी होने की उम्मीद है। परिषद के अनुसार इन योजनाओं के लिए नगर पालिका परिषद की सीमा से सटे क्षेत्रों में जमीन ली जाएगी।
गाजीपुर और प्रतापगढ़ की योजनाएं
परिषद के सचिव नीरज शुक्ला के अनुसार, गाजीपुर जिले में 65 हेक्टेयर क्षेत्र में आवासीय योजना लायी जाएगी। इसमें ग्राम अंधऊ और जमुनादेवा की जमीन शामिल होगी। इस योजना पर लगभग 865 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
प्रतापगढ़ जिले में यह योजना कटरा रोड के आसपास ग्राम तेउंगा, भूपियामऊ, बडनपुर और जहनई पुरवा की 131.61 हेक्टेयर जमीन पर लायी जाएगी। इस पर लगभग 2140 करोड़ रुपये का खर्च अनुमानित है।
मऊ में आवासीय योजना
मऊ जिले में आवासीय योजना ग्राम रेवरीडीह, मेघई, शहरोज, मुहम्मदपुर और डाड़ीखास के 200 हेक्टेयर क्षेत्र में लायी जाएगी। इस परियोजना पर भूमि अधिग्रहण और विकास कार्यों के लिए करीब 3781 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।


