
प्रदेश सरकार ने घर-घर बिजली आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। मंगलवार को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की ओर से पेश किए गए 17865.72 करोड़ रुपए के अनुपूरक बजट में लगभग आधा हिस्सा 8587 करोड़ रुपए ऊर्जा विभाग को दिया गया है। इससे प्रदेश में निर्बार्ध बिजली के लिए और इंतजाम किए जाएंगे।
बाधारहित विकास जारी रखने के लिए ऊर्जा के बाद वित्त, परिवार कल्याण, पीडब्ल्यू डी, पशुधन विभाग को सबसे ज्यादा धन आवंटित किया गया है। अनुपूरक बजट में वित्त विभाग को 2438.63 करोड़ रुपये, परिवार कल्याण विभाग को 1592.28 करोड़, पशुधन विभाग के लिए 1001 करोड़ रुपये दिए गए हैं। सरकार ने अच्छी सड़कों के लिए लोक निर्माण विभाग के लिए 805 करोड़ और दिए हैं। प्राथमिक शिक्षा विभाग के लिए 515 करोड़, सूचना विभाग के लिए 505 करोड़, पंचायती राज विभाग के लिए 454.01 करोड़ और चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग के लिए 354.54 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है।
ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना के लिए 454 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। छुट्टा गोवंश के रखरखाव के लिए भी सरकार ने एक हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त दिए हैं। सामान्य वर्ग के निर्धन परिवारों की बेटियों की शादी के लिए अनुदान योजना सरकार फिर शुरू करने जा रही है।
इसके लिए 20 करोड़ रुपये दिए गए हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में सड़कों की मरम्मत के लिए भी 20 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। गरीबों को उनका अपना घर दिलाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में सरकार के 221 करोड़ रुपये और दिए हैं। बौद्ध परिपथ के समेकित पर्यटन विकास के लिए भी सरकार ने 53 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है।


