
मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित ब्लू ड्रम मर्डर केस में अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को मौत की सजा सुनाई है। दोनों को मुस्कान के पति सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। सजा सुनाते समय जिला जज अरविंद कुमार ने महाभारत का उल्लेख करते हुए कहा कि अपराधियों को उनके किए की सजा देना भी धर्म है।
फैसले के बाद अदालत परिसर में मामले को लेकर चर्चा रही। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अदालत ने हत्या की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए दोनों दोषियों को मृत्युदंड सुनाया। सजा के साथ जुर्माना भी लगाया गया है।
महाभारत का जिक्र कर अदालत ने क्या कहा?
मामले में फैसला सुनाते हुए जिला जज अरविंद कुमार ने महाभारत का संदर्भ दिया। अदालत की टिप्पणी का उल्लेख करते हुए एक वकील ने बताया कि अपराध करने वाले व्यक्ति को उसके कृत्य के अनुसार सजा देना न्याय का हिस्सा है।
अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में मजबूत पैरवी की गई। फैसले के बाद एक वकील ने इसे अहम निर्णय बताते हुए कहा कि इस तरह के मामलों में सजा से समाज को संदेश मिलता है कि गंभीर अपराधों के लिए कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जा सकती है।
हत्या के मामले में मौत की सजा और जुर्माना
रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने मुस्कान और साहिल को हत्या के मामले में मृत्युदंड सुनाया। दोनों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत 50-50 हजार रुपये और धारा 238A के तहत 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाए जाने की जानकारी सामने आई है।
हालांकि, सजा और जुर्माने से संबंधित धाराओं तथा राशि की सटीक जानकारी के लिए अदालत के आधिकारिक आदेश की पुष्टि जरूरी है।
3 मार्च 2025 को हुई थी सौरभ राजपूत की हत्या
अभियोजन के अनुसार, 3 मार्च 2025 को मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति सौरभ राजपूत की हत्या की थी। आरोप था कि हत्या के बाद शव के टुकड़े करके उन्हें एक नीले ड्रम में छिपा दिया गया था।
इस मामले का खुलासा 17 मार्च 2025 को हुआ था। इसके बाद 19 मार्च 2025 को मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार किया गया। घटना सामने आने के बाद यह मामला देशभर में चर्चा का विषय बन गया था।
126 तारीखों पर सुनवाई के बाद दोषी करार
मामले की सुनवाई जुलाई 2025 में शुरू हुई थी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अदालत में 126 तारीखों पर सुनवाई के बाद 30 सितंबर को मुस्कान और साहिल को दोषी करार दिया गया। इसके बाद अदालत ने दोनों को मृत्युदंड सुनाया।
मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और अपील की स्थिति से जुड़े विवरण आधिकारिक अदालती रिकॉर्ड से स्पष्ट होंगे। मृत्युदंड के मामलों में अंतिम कानूनी स्थिति अपील और अन्य न्यायिक प्रक्रियाओं पर भी निर्भर करती है।


