
बांग्लादेश में हुए तख़ता पलट का असर व्यापार पर भी हुआ है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 7 हज़ार करोड़ का सामान बार्डर पर अटका हुआ है।जिसकी वजह से बांग्लादेश को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को भारी समस्या से गुजरना पड़ रहा है। क्योकि लोगों ने हिंसा भड़कने के दौरान बहुत सी चीजें स्टॉक कर लीं।
आपको बता दें भारत से 6000 से ज्यादा चीजों का निर्यात किया जाता है। हर दिन औसतन पांच से सात माल भरे ट्रक दिल्ली से वाया कोलकाता होते हुए ढाका रवाना होते हैं। साथ ही वहां से मेरठ के लिए पुराने कपड़े आते हैं, जिससे यहां पर धागा तैयार होता है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि बार्डर बंद होने के कारण कुछ ट्रक वहां फंस गए हैं।
बांग्लादेश में हो रही हिंसा ने कारोबारियों को भी चिंता में डाल दिया है। यहां से स्पोर्ट्स का काफी सामान बांग्लादेश में निर्यात होता है। इसके अलावा पड़ोसी देश से जनपद के कई उद्यमी रेडीमेड कपड़े के साथ सूती धागा, सूती कपड़े और तैयार कपड़ा, मसाला, फुटवेयर, आटोमोबाइल पार्ट्स, फैंसी टोपी का आयात करते हैं। इसके अलावा कास्मेटिक, ज्वेलरी, टेलरिंग मैटेरियल और होजरी का व्यापार भी बांग्लादेश से होता है। अब बार्डर बंद होने से आयात-निर्यात भी प्रभावित होगा। जिसका असर उद्योगों पर पड़ेगा।


