
उत्तर प्रदेश से बड़ी आस लगाए बैठी भारतीय जनता पार्टी के सामने तीसरे चरण के चुनाव में सबसेबड़ी चुनौती समाजवादी चक्रव्यूह को तोड़ते हुए 2019 में जीती हुई सीटों को बचाए रखने की है।
तीसरे चरण में यादव बहुल जिन 10 लोकसभा सीटों पर 7मई को मतदान होना है,वहां 2019 मेंभाजपा ने आठ सीटें जीती थी। पहले के दो चरणों में 16सीटों पर हुए मतदान में रालोद का साथ मिला जबकि तीसरे चरण के इन क्षेत्रों में भाजपा का कोई सहयोगी दल नहीं है।
हालांकि सबसे बड़े यादव महासभा को अपनेपाले में कर भाजपा यादव वोटो में सेंध लगाने का लगातार प्रयास करती रही है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहनयादव उत्तर प्रदेश के पिछड़ों को पार्टी के पक्ष में करनेके लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं
दूसरी तरफ सपा संस्थापकमुलायम सिंह यादव की अनुपस्थिति में पहला लोकसभा चुनाव लड़रहे पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव खुद चुनाव मैदान में उतरकर समाजवादी पार्टी की खोई हुई प्रतिष्ठा को पाने के लिए पूरी ताकत के साथ जुटे हुए हैं। सपा के लिए यह चुनावकरो या मरो जैसा बन चुका है।

