
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को नरेंद्र मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश किया। इस बजट में केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में पॉवर सेक्टर को सबसे ऊपर रखा गया है। वित्त मंत्री ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की घोषणा की, जिसके तहत घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इससे 1 करोड़ घरों को हर महीने 300 यूनिट फ्री बिजली मिलेगी। इनकम टैक्स रिजीम में भी कुछ बदलाव किए गए हैं, साथ ही महिलाओं, युवाओं और किसानों के लिए कई बड़े ऐलान किए गए हैं।
बजट की 9 प्राथमिकताएं:
- कृषि क्षेत्र में उत्पादकता और लचीलापन: कृषि क्षेत्र में विकास के लिए व्यापक योजनाएं बनाई गई हैं।
- रोजगार और कौशल विकास: युवाओं के लिए रोजगार और कौशल प्रशिक्षण पर जोर दिया गया है।
- समावेशी मानव संसाधन विकास और सामाजिक न्याय: मानव संसाधन विकास और सामाजिक न्याय के लिए योजनाएं बनाई गई हैं।
- विनिर्माण और सेवाएं: विनिर्माण और सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए उपाय किए गए हैं।
- शहरी विकास: शहरी विकास के लिए नए प्रोजेक्ट्स की घोषणा की गई है।
- ऊर्जा संरक्षण: ऊर्जा संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण योजनाएं पेश की गई हैं।
- अवसंरचना: इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए बड़े निवेश की योजना है।
- नई पीढ़ी के सुधार और नवाचार: सुधार और नवाचार के लिए योजनाएं बनाई गई हैं।
- अनुसंधान और विकास: अनुसंधान और विकास के क्षेत्र में बड़े निवेश किए जाएंगे।
रोजगार और कौशल विकास:
ईपीएफओ में पहली बार रजिस्टर होने वाले कर्मचारियों के लिए प्रत्यक्ष लाभ ट्रांसफर (डीबीटी) की घोषणा की गई है। कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल्स और शिशु गृहों की स्थापना की जाएगी। महिलाओं को फायदा पहुंचाने वाली योजनाओं के लिए 3 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। आदिवासी समुदायों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए ‘पीएम जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान’ की शुरुआत की जाएगी।
मॉडल कौशल ऋण योजना:
मॉडल कौशल ऋण योजना को संशोधित किया जाएगा। इसके तहत 7.5 लाख रुपये तक का कर्ज दिया जाएगा। उच्चतर शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक के कर्ज पर सालाना 3 प्रतिशत ब्याज में छूट मिलेगी। हब और स्पोक व्यवस्था से 5 साल में 1000 आईटीआई अपग्रेड किए जाएंगे।
औद्योगिक विकास:
देश के 100 शहरों में प्लग एंड प्ले औद्योगिक पार्क का निर्माण किया जाएगा। राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत 12 औद्योगिक पार्क को मंजूरी दी जाएगी। 100 बड़े शहरों में जल आपूर्ति, सीवेज ट्रीटमेंट और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए परियोजनाएं शुरू की जाएंगी।
एमएसएमई सेक्टर:
एमएसएमई सेक्टर को सहायता प्रदान करने के लिए नई व्यवस्था की घोषणा की गई है। मुद्रा योजना के तहत लोन की सीमा को 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये किया जाएगा। पूंजीगत व्यय 11,11,111 करोड़ रुपये तय किया गया है, जो देश की जीडीपी का 3.4 प्रतिशत है।
सौर ऊर्जा और भूमि सुधार:
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरों की छत पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में सभी जमीनों को अनन्य भूखंड पहचान संख्या दी जाएगी। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में भूमि पंजीकरण ऑफिस भी स्थापित किए जाएंगे।
नई इनकम टैक्स रिजीम:
स्टैंडर्ड डिडक्शन की राशि को बढ़ाकर 50 हजार से 75 हजार रुपये कर दिया गया है। पारिवारिक पेंशन पर स्टैंडर्ड डिडक्शन 25 हजार रुपये कर दिया गया है। 3 लाख की आय पर कोई इनकम टैक्स नहीं होगा। 3 से 7 लाख पर 5 प्रतिशत, 7 से 10 लाख पर 10 प्रतिशत, 10 से 12 लाख पर 15 प्रतिशत और 12 से 15 लाख की आय पर 20 प्रतिशत इनकम टैक्स लगाया जाएगा।
पर्यटन क्षेत्र:
बिहार के गया में विष्णुपद मंदिर और बोधगया के महाबोधि मंदिर को वर्ल्ड क्लास तीर्थ स्थल और टूरिस्ट डेस्टिनेशन के तौर पर विकसित किया जाएगा। नालंदा शहर को बड़े पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना:
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का चौथा चरण शुरू किया जाएगा, जिसके तहत 25,000 ग्रामीण क्षेत्रों को कवर किया जाएगा। बिहार में नए एक्सप्रेस-वे और गंगा नदी पर नए पुलों का निर्माण किया जाएगा।
शहरी विकास:
देश के 14 बड़े शहरों में ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स शुरू किए जाएंगे। 1 करोड़ शहरी गरीबों और मिडिल क्लास परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत कवर किया जाएगा।
इस बजट में रोजगार, कौशल प्रशिक्षण, एमएसएमई और मध्यम वर्ग पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे भारत के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।


