
मोदी सरकार अपने तीसरे कार्यकाल का पहला बजट 23 जुलाई को पेश करने जा रही है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आम बजट पेश करेंगी। इस बजट से लोगों को काफी उम्मीदें हैं। संभावना जताई जा रही है कि केंद्र सरकार महंगाई को कम करने संबंधी इस बजट में कोई बड़ा निर्णय ले सकती है।
इसके साथ ही रेलवे में टिकट में छूट को लेकर भी लोगों को उम्मीद है सबसे ज्यादा उम्मीदें तो उन वरिष्ठ नागरिकों ने लगा रखी है, जिसकी रियायत को रेलवे ने कोविड से समय खत्म कर दिया।
कोविड के दौरान रेलवे ने ट्रेन टिकट किराए में बुजुर्गों को मिलने वाली रियायतों को पूरी तरह से खत्म कर दिया। साल 2019 के अंत तक रेलवे सफर के दौरान पुरुष वरिष्ठ नागरिक को 60 साल की उम्र के बाद 40 फीसदी और महिलाओं को 58 साल की उम्र के बाद 50 फीसदी की छूट मिलती थी, लेकिन कोविड के समय इसे पूरी तरह से खत्म कर दिया गया, जिसे अब तक फिर से शुरू नहीं किया गया है। ऐसे में वरिष्ठ नागरिकों को उम्मीद है कि वित्त मंत्री इस बजट में उनके लिए रेल सफर को और आसान बना सकती है। उम्मीद की जा रही है कि तीसरी बार सत्ता में आई मोदी सरकार सीनियर सिटीजन के लिए ट्रेन टिकट में 50 फीसदी की छूट का ऐलान फिर से कर सकती है।
नई ट्रेनों का तोहफा
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रेलवे बजट में मेट्रो नेटवर्क, नमो भारत कॉरिडोर, वंदे भारत ट्रेनों, हाई स्पीड कॉरिडोर और इकोनॉमिक कॉरिडोर के विस्तार के लिए फंड बढ़ा सकती है। वहीं उम्मीद ये भी की जा रही है कि वित्त मंत्री रेल किराए को प्री-कोविड लेवल पर ला सकती है। उम्मीद की जा रही है कि टिकट किराए में थोड़ी राहत मिल सकती है। वहीं बजट में नई बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को लेकर घोषणा होने की उम्मीद है। मोदी सरकार 3.0 के पहले बजट में भारतीय रेल को आधुनिक और तेज गति वाली 200 से अधिक नई नॉन एसी ट्रेनों का ऐलान किया जा सकता है।


