
फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Zomato ने फेस्टिव सीजन में प्लेटफॉर्म फीस को बढ़ाकर ₹10 प्रति ऑर्डर कर दिया है, जो पहले ₹7 थी। Zomato के ऐप पर दी गई जानकारी के अनुसार, इस फीस का उद्देश्य प्लेटफॉर्म की सेवाओं को बरकरार रखना और त्योहारों के दौरान बढ़े हुए ऑर्डर वॉल्यूम को संभालना है।
Zomato ने प्लेटफॉर्म फीस की शुरुआत 2023 में की थी, जिसमें पहले यह ₹2 प्रति ऑर्डर थी। धीरे-धीरे इसे बढ़ाया गया और अब फेस्टिव सीजन के दौरान यह ₹10 हो गई है। कंपनी का कहना है कि इस वृद्धि से उन्हें अपनी सर्विसेज को सुचारू रूप से चलाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, इस फीस पर 18% GST भी लगेगा, जिससे कुल प्लेटफॉर्म फीस ₹11.80 हो जाएगी।
Zomato के साथ ही इसकी प्रतिस्पर्धी कंपनी Swiggy भी इस तरह की फीस वसूलती है। Swiggy ने प्लेटफॉर्म फीस को पहले से ही ₹7 प्रति ऑर्डर कर दिया था, और दोनों कंपनियां अब इस बढ़ी हुई फीस के जरिए अपनी आय में सुधार कर रही हैं।
फेस्टिव सीजन में बढ़ी डिमांड
त्योहारों के दौरान खाने और किराना डिलीवरी प्लेटफार्मों पर उपभोक्ता मांग बढ़ जाती है, और Zomato ने इस मौके का फायदा उठाने के लिए अपनी फीस में वृद्धि की है। Zomato ने हाल ही में अपने सितंबर तिमाही के नतीजे पेश किए, जिसमें कंपनी की ऑपरेटिंग रेवेन्यू में साल दर साल 68% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो ₹4,799 करोड़ तक पहुंच गई। इस तिमाही में कंपनी का सबसे बड़ा योगदान फूड डिलीवरी से आया, जिसकी ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू (GOV) में 21% की वृद्धि दर्ज की गई।
कंपनी के अनुसार, प्लेटफॉर्म फीस से वर्ष 2024 में ₹83 करोड़ की कमाई हुई थी, और इस बार फेस्टिव सीजन में यह आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, इंडस्ट्री एनालिस्ट्स का मानना है कि इस बढ़ी हुई फीस का उपभोक्ता व्यवहार पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि लोग फेस्टिव सीजन में डिलीवरी का अधिक उपयोग करते हैं।
Zomato की रणनीति
Zomato के प्रवक्ता ने कहा कि प्लेटफॉर्म फीस में इस बढ़ोतरी का फैसला विभिन्न व्यावसायिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। हालांकि यह तिमाही थोड़ी कमजोर रही, लेकिन प्लेटफॉर्म ने फेस्टिव सीजन में मजबूत रेवेन्यू हासिल करने के लिए यह कदम उठाया है।
Zomato के स्टॉक ने भी बुधवार को 1.8% की बढ़ोतरी के साथ ₹260.80 प्रति शेयर पर कारोबार किया, जो कंपनी के बढ़ते मुनाफे और त्योहारों के दौरान बढ़ती मांग को दर्शाता है।


