
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने मंगलवार को एलान किया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एंटीए) अगले साल यानि 2025 से भर्ती परीक्षाएँ नहीं आयोजित करेगी। वह अब सिर्फ उच्च शिक्षा में प्रवेश से जुड़ी जेईई मेन, नीट जैसी परीक्षाएँ ही कराएगी। इसके लिए 2025 में एनटीए का पुनर्गठन भी किया जाएगा। इसके कामकाज में बदलाव लाया जाएगा। इसके साथ ही एनटीए में स्थायी रूप से नए पद भी बढ़ाए जाएंगे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि जनवरी 2025 में होने वाले इंजीनियरिंग एंट्रेंस टेस्ट जेईई मेन के लिए 12 से 15 लाख स्टूडेंट्स आवेदन करते हैं। इसके दूसरे चरण के लिए भी लगभग इतने ही आवेदन आते हैं। मेडिकल नीट यूजी परीक्षा के लिए 23 लाख से ज्यादा आवेदन आते हैं। यूजीसी नेट और CSIR यूजीसी नेट में भी 15 लाख तक आवेदन रजिस्टर किए जाते हैं। 2025 में इन एंट्रेंस टेस्ट में कुल 60 लाख तक आवेदन आने की उम्मीद है। इन सब परीक्षाओं की जिम्मेदारी एनटीए की होगी।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय एनटीए एंट्रेंस टेस्ट के लिए कुछ दिशा-निर्देश भी बना रहा है। एनटीए प्रवेश परीक्षाओं के लिए जो भी सेंटर बनाए जाएंगे, उनको फाइनल करने से पहले जिला मजिस्ट्रेट, लोकल प्रशासन और लोकल पुलिस से सलाह ली जाएगी। कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट के लिए करीब 400 सेंटर की जरूरत होती है। अगर मेडिकल प्रवेश परीक्षा पेन एंड पेपर मोड में होगी तो करीब 1 हजार सेंटर बनाए जाएंगे। अब केंद्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय यानी सरकारी संस्थानों में परीक्षाओं के सेंटर बनाए जाएंगे।


