
केंद्र सरकार ने आतंकवाद पीड़ित नागरिकों के पति/पत्नी और बच्चों को शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में विभिन्न मेडिकल कॉलेजों और संस्थाओं में चार सीटें देने का फैसला किया है। इस संबंध में नामांकन 17 सितंबर को होना है। इस वर्ष गया के मेडिकल कॉलेज में एक सीट और रायपुर मेडिकल कॉलेज में दो सीटें अलाट की गई है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय को निर्देशित किया है कि वह सभी राज्यों और केंद्र शासित राज्यों के मुख्य सचिवों को कहे कि वह इस फैसले का अधिकाधिक प्रचार प्रसार करेंगे। गृह मंत्रालय ने विगत 23 अगस्त को लिखे एक पत्र में निर्देशित किया है कि सभी राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश आतंकवाद पीड़ित नागरिकों की श्रेणी में एमबीबीएस की चार सीटों के वांछित उम्मीदवारों के आवेदन आमंत्रित करे। यह चारों एमबीबीएस सीटें उन भारतीय नागरिकों के पति/पत्नी या बच्चों को मिलेगी जो किसी आतंकी घटना में मारे गए हैं या फिर दिव्यांग हो गए हैं।
गृह मंत्रालय के काउंटर टेरिज़्म एंड काउंटर रेडिक्लाइजेशन डिवीजन के तहत जारी पत्र में स्वास्थ्य मंत्रालय के 13 अगस्त के फैसले का हवाला दिया गया है। शैक्षणिक सत्र 2024-25 में सेंट्रल पूल से चार एमबीबीएस सीटें विभिन्न मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों में चिन्हित की गई है।
इन्हीं सीटों पर केंद्रीय गृह मंत्रालय आतंकवाद के पीड़ितों की श्रेणी को नामित करेगा। इन चार एमबीबीएस सीटों में एक-एक सीट बिहार के गया स्थित एएन मगध मेडिकल कॉलेज और महाराष्ट्र के मुंबई स्थित ग्रांट मेडिकल कॉलेज के लिए सुरक्षित होगी। जबकि दो सीटें छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित पंडित जेएनएम मेडिकल कॉलेज में अलाट होगी।


