
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा सम्मिलित राज्य क्रषी सेवा परीक्षा में प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को लेकर किए गए प्रबंध सफल रहे। इस परीक्षा के आयोजन से मिले अनुभवों की मदद से यूपीपीएससी आगामी समीक्षा अधिकारी, सहायक समीक्षा अधिकारी और पीसीएस 2024 परीक्षा में किसी तरह की चूक या सेंधमारी को रोकने में सक्षम होंगे। परीक्षा के आयोजन की समीक्षा में यदि कोई कमी मिलेगी तो वह अगली परीक्षाओं के बेहतर प्रबंध में आधार का काम करेगा।
परीक्षा अध्यादेश के अधिसूचित होने के बाद आयोग की यह पहली परीक्षा थी। हालांकि इससे पूर्व आयोग 30 जून को हुई सहायक नगर नियोजक परीक्षा में प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और अभ्यर्थियों के बायोमीट्रिक परीक्षा सत्यापन के इंतजाम को परख चुका था। पर तैयारी को परखने के लिए बड़ी परीक्षा के आयोजन की ज़रूरत थी। ऐसे में रविवार को हुई प्रदेश के पांच शहरों में राज्य क्रषी सेवा भर्ती परीक्षा में आयोग के प्रबंध की परीक्षा भी हो गई। इसमें करीब 24 हजार छात्र शामिल हुए। आयोग यह मानकर चल रहा है कि यह परीक्षा 27 अक्टूबर को होने वाली पीसीएस 2024 परीक्षा और 22 दिसंबर को प्रस्तावित समीक्षा अधिकारी -सहायक समीक्षा अधिकारी भर्ती परीक्षा का रिहर्सल थी।
परीक्षा में आयोग ने शासन के निर्देशों के अनुसार प्रश्नपत्रों के दो सेट तैयार किए थे और हर सेट में आठ सीरीज के प्रश्नपत्र थे। इसके अलावा सीसीटीवी निगरानी और बायोमीट्रिक उपस्थिती को लेकर शासन के नए निर्देशों का अनुपालन भी किया गया। अब आयोग परीक्षा के अनुभवों का प्रयोग आगामी परीक्षाओं के आयोजन में करेगा। वजह भी है क्योकि आरओ-एआरओ पेपर लीक प्रकरण ने आयोग के इंतज़ामों पर सवालिया निशान लगा दिया था।

