SBI ने लोन किया मंहगा, चुकानी होगी ज्यादा EMI

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SBI ने लोन किया

भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट  में कोई बदलाव नहीं किया है लेकिन कई बैंकों ने कर्ज पर ब्याज बढ़ाना शुरू कर दिया है। भारतीय स्टेट बैंक ने कर्ज पर ब्याज बढ़ा दिया है। इसका मतलब है कि अब आपको अपने लोन पर ज्यादा ईएमआई चुकानी होगी। आरबीआई की मौद्रिक नीति बैठक के कुछ दिन बाद एसबीआई ने एक बार फिर होम लोन पर ब्याज दरें बढ़ाने का ऐलान किया है।

 भारतीय स्टेट बैंक ने अधिकांश अवधियों के लिए अपनी मार्जिनल लोन कॉस्ट रेट (एमसीएलआर) में 5 से 10 आधार अंकों (बीपीएस) की बढ़ोतरी की है। एसबीआई की वेबसाइट के अनुसार संशोधित दरें 15 जुलाई, 2024 से प्रभावी होंगी। इस बढ़ोतरी से ग्राहकों के लिए लोन और आसान मासिक किस्तों (ईएमआई) पर असर पड़ने की संभावना है।

इस बढ़ोतरी से लेंडर के लिए अधिकांश उपभोक्ता लोन (जैसे ऑटो या होम लोन) महंगे हो जाएंगे। इससे पहले जून में बैंक ने चुनिंदा अवधियों पर लोन रेट (एमसीएलआर) में 10 बीपीएस की बढ़ोतरी की थी।

एसबीआई एमसीएलआर में बढ़ोतरी

  1. तीन महीने की लोन पीरियड पर एमसीएलआर 10 बीपीएस बढ़ाकर 8.4 फीसदी किया गया।
  2. छह महीने की लोन पीरियड पर एमसीएलआर 10 बीपीएस बढ़ाकर 8.75 फीसदी किया गया।
  3. एक साल की लोन पीरियड पर एमसीएलआर 10 बीपीएस बढ़ाकर 8.85 प्रतिशत किया गया।
  4. दो साल की लोन पीरियड पर एमसीएलआर 10 बीपीएस बढ़ाकर 8.95 फीसदी किया गया।
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लेटेस्ट एसबीआई लोन इंटरेस्ट रेट जुलाई 2024

एक महीने की एमसीएलआर बेंचमार्क दर 5 आधार अंकों से बढ़कर 8.35 फीसदी हो गई है, जबकि तीन महीने की एमसीएलआर बेंचमार्क दर 10 आधार अंकों से बढ़कर 8.40 फीसदी हो गई है।

बैंक ने छह महीने, एक साल और दो साल की अवधि के लिए एमसीएलआर दरों में 10 आधार अंकों की बढ़ोतरी की है, जिससे वे क्रमश- 8.75 फीसदी, 8.85 फीसदी और 8.95 फीसदी हो गए हैं। तीन साल की एमसीएलआर को 5 आधार अंकों से बढ़ाकर 9 फीसदी कर दिया गया है।

एमसीएलआर क्या है?

मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) वह न्यूनतम लेंडिंग रेट है, जिसके नीचे बैंक को लोन देने की अनुमति नहीं है।

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