गंगा एक्सप्रेस-वे: आसान होगा सफर, 12 जिलों की 30 तहसीलों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेस-वे

[wp_ad_camp_1]

उत्तर प्रदेश सरकार अपने ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा करने में इस समय दिन-रात लगी हुई है। विधानसभा चुनाव से पहले ही ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए इस समय अधिकारी दिन-रात लगे हुए हैं। कोरोना काल की दूसरी लहर में राहत मिलने के बाद एक बार फिर से प्रदेश में सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं को पूरा करने का काम शुरू कर दिया गया है। सरकार की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में एक गंगा एक्सप्रेस-वे योजना भी है, जिसका काम बहुत ही तेजी से चल रहा है। उत्तर प्रदेश में मेरठ से प्रयागराज बनने वाले इस प्रोजेक्ट को लेकर काम बहुत ही तेजी से चल रहा है। 


प्रयागराज जिले की सोरांव तहसील में 20 गांवों में इस हाईवे को लेकर भूमि अधिग्रहीत की जा रही है। जिला प्रशासन की तरफ से अब तक प्रयागराज में 23 सौ से अधिक काश्तकारों से भूमि अधिग्रहीत की जा चुकी है। वहीं, जिन किसानों ने अभी तक अपनी जमीन नहीं दी है, उनसे प्रशासनिक अफसर लगातार बातचीत कर रहे हैं। काश्तकारों की भूमि को अधिग्रहित करने के लिए जून तक का समय दिया गया है। गांवों में अधिग्रहण की जिम्मेदारी सोरांव एसडीएम को दी गई है।
प्रयागराज जिले की सोरांव तहसील में 20 गांवों में इस हाईवे को लेकर भूमि अधिग्रहीत की जा रही है। जिला प्रशासन की तरफ से अब तक प्रयागराज में 23 सौ से अधिक काश्तकारों से भूमि अधिग्रहीत की जा चुकी है। वहीं, जिन किसानों ने अभी तक अपनी जमीन नहीं दी है, उनसे प्रशासनिक अफसर लगातार बातचीत कर रहे हैं। काश्तकारों की भूमि को अधिग्रहित करने के लिए जून तक का समय दिया गया है। गांवों में अधिग्रहण की जिम्मेदारी सोरांव एसडीएम को दी गई है।

प्रयागराज में गंगा एक्सप्रेस वे के लिए भूमि अधिग्रहण का काम जनवरी से ही शुरू हो गया था। गंगा एक्सप्रेस वे सोरांव तहसील से ही गुजर रहा है तो यहां के एसडीएम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। एडीएम फाइनेंस एमपी सिंह ने बताया कि गंगा एक्सप्रेस वे के लिए एलाइनमेंट के मुताबिक जिले में कुल 36 सौ काश्तकारों से जमीन का अधिग्रहण किया जाना है और भूमि अधिग्रहीत करने के लिए चिह्नित कर लिया गया है। सरकार ने 50 फीसदी भूमि मार्च तक अधिग्रहीत कर चुकी है। अब कोरोना की लहर कम होने के बाद एक बार फिर से जिले में अधिग्रहण की कार्रवाई तेज कर दी गई है। 

[wp_ad_camp_1]

बहुत तेजी से हो रहा निर्माण

उत्तर प्रदेश सरकार इस परियोजना को जल्द से जल्द पूरा करने में जुटी हुई है। शासन की तरफ से इसके निर्माण के लिए टेंडर जारी करने की तैयारी चल रही है। इस एक्सप्रेस वे का निर्माण करने के लिए अब तक 11 कंपनियों ने इच्छा जताई है। इसमें मलेशिया और दक्षिण कोरिया की भी कंपनियां है जो कि एक्सप्रेस वे को बनाना चाहती है। अब शासन की तरफ से जल्द ही कंपनियों को साइट का दौरा कराया जाएगा, जिससे कि वे काम की व्यापकता को समझ लें। इसके बाद ही कंपनियों से बिड मांगी जाएगी।

इतना तय किया गया बजट

उत्तर प्रदेश में मेरठ से प्रयागराज तक बनने वाले इस एक्सप्रेस के लिए कुल 36,410 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। यह एक्सप्रेस वे 12 जिलों की 30 तहसीलों से होकर गुजरेगा। मेरठ से शुरू होने वाला यह हाई-वे हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और फिर प्रयागराज पहुंचकर समाप्त होगा। प्रयागराज जिले में यह एक्सप्रेस वे बारी, सराय हरीराम, सरायनंदन उर्फ समसपुर, सराय भारत उर्फ होलागढ़, सराय मदन सिंह उर्फ चांटी,  खेमकरनपुर, माधोपुर, मलाक चतुरी आदि गांवों से गुजरेगा। प्रयागराज प्रशासन की तरफ से इन गांवों में भूमि को अधिग्रहीत किया जा रहा है।

Zeen is a next generation WordPress theme. It’s powerful, beautifully designed and comes with everything you need to engage your visitors and increase conversions.