Tiger Shroff Firing Case: सलमान खान की तारीफ बनी वजह? टाइगर श्रॉफ पर हमले को लेकर जांच में नया दावा

Tiger Shroff Firing Case: अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में जांच के दौरान एक नया दावा सामने आने की बात कही गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में से एक ने पूछताछ के दौरान दावा किया कि साल 2022 में सलमान खान की तारीफ करने वाला टाइगर श्रॉफ का बयान उन्हें निशाना बनाए जाने की वजहों में शामिल हो सकता है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस इसकी जांच कर रही है।
टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई थी फायरिंग
रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को मुंबई के जुहू इलाके में फुटबॉल खेलने के बाद लौट रहे टाइगर श्रॉफ की BMW कार पर दो हमलावरों ने कथित तौर पर सात राउंड फायरिंग की। इसके बाद आरोपी अपने एक अन्य साथी के साथ बाइक से फरार हो गए।
इस घटना में अभिनेता के ड्राइवर और एक राहगीर के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े एक सदस्य द्वारा हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा भी किया गया। रिपोर्ट में बताया गया कि अगले दिन आरोपियों को कोटा रेलवे स्टेशन पर पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस से गिरफ्तार किया गया।
सलमान खान की तारीफ से जुड़ा क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में से एक ने पूछताछ में दावा किया कि टाइगर श्रॉफ ने वर्ष 2022 में एक फिल्म प्रमोशन कार्यक्रम के दौरान सलमान खान की तारीफ की थी।
कथित तौर पर अभिनेता ने सलमान खान को फिल्म इंडस्ट्री का असली ‘टाइगर’ बताया था। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने इस बयान को टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाए जाने की संभावित वजहों में से एक बताया।
हालांकि, केवल इस कथित बयान के आधार पर हमले की वजह तय नहीं की जा सकती। पुलिस इस दावे और हमले के पीछे की संभावित साजिश की जांच कर रही है।
सलमान खान और लॉरेंस बिश्नोई के बीच पुराना विवाद
सलमान खान और लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े विवाद का संबंध काले हिरण के शिकार के मामले से बताया जाता है। वर्ष 1998 में फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग के दौरान काले हिरण के शिकार का मामला सामने आया था। बिश्नोई समुदाय काले हिरण को धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानता है।
इस मामले के बाद सलमान खान को धमकियां मिलने की खबरें भी सामने आती रही हैं। हालांकि, टाइगर श्रॉफ पर हुए कथित हमले और सलमान खान से जुड़े विवाद के बीच संबंध की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
सोशल मीडिया और फोन कॉल की भी जांच
रिपोर्ट के अनुसार, जांच एजेंसियों को संदेह है कि आरोपी सोशल मीडिया और इंटरनेट आधारित कॉल के जरिए पुलिस की कार्रवाई से जुड़ी जानकारियां हासिल कर रहे थे।
सीसीटीवी फुटेज में आरोपी रेहान के लगातार मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की बात भी सामने आई है। जांचकर्ताओं को शक है कि संदेशों के माध्यम से आरोपियों को पुलिस की गतिविधियों और बाइक बरामद होने जैसी जानकारियां मिल रही थीं।
अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपियों तक जांच से संबंधित कोई गोपनीय जानकारी पहुंचाई जा रही थी और यदि ऐसा हुआ, तो इसके पीछे कौन लोग थे।
मुंबई से फरार होने के बाद ऐसे पहुंचे सूरत
सूत्रों के मुताबिक, फायरिंग के बाद आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए अपने मोबाइल फोन और इंटरनेट कनेक्शन बंद कर दिए थे। कथित तौर पर वे अपने हैंडलर से संपर्क करने के लिए इंटरनेट आधारित VoIP कॉल का इस्तेमाल कर रहे थे।
जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार, आरोपी मुंबई के अंधेरी इलाके से लोकल ट्रेन के जरिए बोरीवली पहुंचे। इसके बाद उन्होंने सूरत जाने के लिए एक निजी कैब बुक की।
कैब चालक को की गई एक सामान्य फोन कॉल जांच एजेंसियों के लिए अहम सुराग साबित हुई। इसके बाद मुंबई पुलिस की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने सूरत पहुंचकर चालक से पूछताछ की। पुलिस अब आरोपियों के संपर्कों, कथित मददगारों और हमले के पीछे की पूरी साजिश की जांच कर रही है।
फिलहाल मामले में जांच जारी है। सलमान खान की तारीफ से जुड़े कथित बयान को हमले की वजह मानने से पहले पुलिस की आधिकारिक पुष्टि और जांच के निष्कर्षों का इंतजार करना जरूरी है।


