
प्रतापगढ़ में आवासीय विकास को बढ़ावा देने के लिए एक अहम पहल की गई है। तहसील सदर के ग्राम टेउंगा, बड़नपुर और जहनईपुर में आवासीय योजनाएं विकसित की जाएंगी। अपर आवास आयुक्त एवं सचिव डॉ. नीरज शुक्ला ने बताया कि इस परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण और विकास कार्यों पर कुल ₹940 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी की जाएगी: आपसी समझौता, लैंड पुलिंग, और कानूनी अधिग्रहण। इस पूरी प्रक्रिया को संपन्न करने में लगभग दो साल का समय लगेगा। इसके बाद प्लाटिंग और अन्य विकास कार्य शुरू होंगे, जिन्हें पूरी तरह से लागू करने में चार साल लग सकते हैं।
भूमि अधिग्रहण पर ₹115.72 करोड़ और विकास कार्यों पर ₹824.24 करोड़ का व्यय प्रस्तावित है। प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए एक सेवानिवृत्त डिप्टी कलक्टर को मानदेय पर एक वर्ष के लिए नियुक्त किया जाएगा। इसके साथ ही एक कानूनगो, लेखपाल और कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति का प्रस्ताव भी बोर्ड द्वारा स्वीकृत किया गया है।
यह आवासीय योजना नगर पालिका परिषद की सीमा से लगे क्षेत्रों में विकसित की जाएगी, जिससे आसपास के लोगों को आधुनिक और बेहतर आवासीय सुविधाएं प्राप्त होंगी। इस परियोजना में विकसित भूमि पर प्लॉट और आवासीय सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, जिससे स्थानीय निवासियों और नए आवास खरीदने वालों को सीधा लाभ होगा।
यह परियोजना न केवल क्षेत्रीय विकास को गति प्रदान करेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और बेहतर जीवनस्तर के अवसर भी खोलेगी। प्रतापगढ़ में यह आवासीय योजना शहर के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।


